Gulzar good morning quotes

अब शाम नहीं होती, दिन ढल रहा है…
शायद वक़्त सिमट रहा है!!

आँखों से आँसुओं के मरासिम पुराने हैं
मेहमाँ ये घर में आएँ तो चुभता नहीं धुआँ

यूँ भी इक बार तो होता कि समुंदर बहता
कोई एहसास तो दरिया की अना का होता

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आप के बाद हर घड़ी हम ने
आप के साथ ही गुज़ारी है

gulzar good morning quotes

दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई
जैसे एहसान उतारता है कोई

आइना देख कर तसल्ली हुई
हम को इस घर में जानता है कोई

gulzar good quotes

हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते
वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते

ज़मीं सा दूसरा कोई सख़ी कहाँ होगा
ज़रा सा बीज उठा ले तो पेड़ देती है

gulzar good hindi quotes

खुली किताब के सफ़्हे उलटते रहते हैं
हवा चले न चले दिन पलटते रहते है

शाम से आँख में नमी सी है
आज फिर आप की कमी सी है

gulzar good morning lines

शबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में..

रात भर बातें करते हैं तारे…
रात काटे कोई किधर तन्हा

gulzar good morning shayari

रात चुपचाप दबे पांव चली जाती है
रात ख़ामोश है रोती नहीं, हंसती भी नहीं

वो उदास उदास इक शाम थी,एक चेहरा था इक चिराग़ था
और कुछ नहीं था ज़मीन पर,इक आसमां का ग़ुबार था

तुम्हारे ख्वाब से हर शब लिपट के सोते हैं
सजाएं भेज दो ,हमने खताएं भेजी हैं

gulzar good samundar shayari

आदतन तुमने कर दिए वादे
आदतन हमने ऐ’तिबार किया

सहर न आई कई बार नींद से जागे
थी रात रात की ये ज़िंदगी गुज़ार चले

कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ
किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे

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